A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius, एक खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!

A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!
A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!

मैं इस कहानी को (A Beautiful Motivational Story in Hindi – of a Genius) काफी सरल शब्दों में अथवा उदाहरणों के माध्यम से समझाने की कोशिश करूंगा।

यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है, जिससे हम और आप लोग अपने लिए बहुत कुछ निकाल सकते हैं और अगर हम ज्यादा गंभीरता से सोचेंगे, तो अपनी दृष्टि में कर्म के प्रति” एक सही रूप ला सकते हैं। यह कहानी (Motivational Story in Hindi) कर्म के आयामों के ऊपर है…!

[Examples] A Beautiful Motivational Story in Hindi, Brain Strength/Power

काम का एक पक्ष – (Motivational Story in Hindi)

मान लीजिए अगर आप किसी किसान को रेगिस्तान में हल चलाते हुए देखते हैं और उससे आप पूछ रहे हैं कि आप यहां पर किस चीज की खेती करोगे? और वह यह कहता है कि मैं यहां धान की खेती करूंगा..!! आप उसके बारे में क्या सोचोगे? आप सोचोगे कि यह मूर्ख है। क्या रेगिस्तान में कोई धान की खेती हो सकती है .!

अगर वह नागफनी या बैर – वगैराह की खेती की कहता तो बात थोड़ी सी समझ में आती। लेकिन रेगिस्तान में वह भी धान की खेती – असंभव !

मान लीजिए एक अकादमी ऐसी जगह जाता है जो पूरी तरह से सुनसान है, जहां कोई आदमी नहीं है, और वहां पर एक किराना सामान की अच्छी खासी दुकान (Super Store) खोल ले। तो आप उस व्यक्ति के विषय मे क्या कहेंगे? कि यह कितना मूर्ख व्यक्ति है यहां पर किराना का सामान खरीदने भला कौन आएगा..!

मान लीजिए अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के पास नौकरी करने जा रहे हैं, जिसको खुद नौकरी की तलाश है और उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और वह खाली बैठा हुआ है जो बदले में आपको कुछ भी नहीं दे सकता। लेकिन आप उसके पास जाते हैं और अपना काम शुरू कर देते हैं।

जबकि आपको मालूम है कि आपको उससे बदले में कुछ भी नहीं मिलना है। उसे भी आप कहेंगे कि यह कैसा मुंह है मूर्ख है..!

यह काम का एक पक्ष हुआ। बात करते हैं काम के दूसरे पक्ष की।

India’s New Education Policy 2020 {Hindi} Details and Analysis, pdf

काम का दूसरा पक्ष – (Motivational Story in Hindi)

दूसरी तरफ जब चुनाव होते हैं चाहे – वह विधानमंडल के चुनाव हो या संसद के, अगर हम शुरु के दो – तीन प्रसिद्ध नेताओं को छोड़ दें, जो बड़ी-बड़ी पार्टी के होते हैं जिनके जीतने की संभावना होती है। लेकिन उसके बाद 10 – 15 उम्मीदवार और भी चुनाव में खड़े होते हैं जिनका हम और आप लोग नाम तक नहीं जानते।

वह उम्मीदवार भी यह जानकर खड़े होते हैं कि वह हारेंगे, उनकी जमानत जप्त हो जाएगी, लेकिन उसके बावजूद भी वह चुनाव में खड़े होते हैं।

यहां पर उन काम करने वालों को पता है कि वह हारेंगे, और पता ही नहीं उनको पूरा भरोसा है कि वह हारेंगे। फिर भी वह चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। वह अपने काम में लगे हुए हैं।

यह हुआ काम का दूसरा पक्ष। अब बात करते हैं काम के तीसरे पक्ष की।

ईश्वर को समझने का अवसर – What is God – Where is God? Where is the God at the Time of Lockdown…?

काम के तीसरे पक्ष – (Motivational Story in Hindi)

अब मैं आपसे तीसरी श्रेणी के बारे में बात कर रहा हूं मैं बात कर रहा हूं जो कि पूर्णता सत्य जीवन पर आधारित है।

एक व्यक्ति के ‘फादर इन लॉ’ (Father in Law) की तबीयत काफी खराब होने लगी थी और दिल्ली के डॉक्टरों का कहना था कि अब इनके पास चार-पांच महीने का ही वक्त शेष है। लेकिन फिर भी वह व्यक्ति और उसका परिवार उनके (Father in Law) इलाज में लगे रहे। समय बढ़ता चला गया लेकिन यह अच्छी बात थी कि अपेक्षाकृत उनको इलाज से लंबी उम्र मिली। अंततः नौ से दस महीने बाद दुर्भाग्यपूर्ण उनके ‘फादर इन लॉ’ ने उसी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली।

इस दौरा में लगातार डॉक्टर उन्हें देख रहे थे और डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि उनके स्वस्थ होने की कोई संभावना नहीं है। और वह लोग अपनी आंखों के सामने उनको तड़पते (डिस्ट्रॉय/Destroy) हुए होते हुए देख रहे थे। जैसे कि कोई दीवार बरसात के दिनों (ऊपर से दीवार को कुछ भी संरक्षण नहीं है) में धीरे-धीरे पानी से वह गल रही है और ख़त्म (डिस्ट्रॉय) हो रही है।

प्रकृति के सिद्धांत और धर्म एवं परंपराएं (Principles of Nature and Religions and Traditions

दोस्तों, यहां पर कोई संभावना नहीं कि वह स्वस्थ हो जाए, यह कोई संभावना नहीं थी कि जो बिगड़ती हुई स्थिति है वह ठीक हो जाए। लेकिन एक बात का संतोष उनको तथा उनके परिवार को रहा कि उन लोगों ने जो अपना काम किया पूरी तरीके से – मन लगाकर किया और उस तरीके से किया, जिस तरीके से किया जाना चाहिए था।

और अब जब भी उनको अपने Father-in-Law की याद आती है तो उनके पूरे परिवार को यह आत्म संतुष्टि होती है कि जो वह अपना सर्वोत्तम दे सकते थे, हर दृष्टि से वह उन लोगों ने किया।

दोस्तों जब भी डॉक्टर से उनकी बात होती थी तो वह अक्सर कहा कहते थे कि डॉक्टर साहब! हम एक हारा हुआ मैच खेल रहे हैं, मतलब कि एक ऐसा मैच जिसका परिणाम घोषित हो चुका है कि हम हार चुके हैं। लेकिन फिर भी हम खेल रहे हैं क्योंकि उस मैच का नियम यह है कि समय पूरा होने से पहले आप मैदान नहीं छोड़ सकते हैं।

आठवीं फैल लेकिन 22 साल की उम्र में हैकिंग कंपनी CEO, और करोड़ों का व्यापार

लेकिन अगर हम देखे हैं तो यहां सबसे बड़ी बात है कि अगर हम मैच हार चुके होते हैं और हमें केवल समय बिताना होता है तो हमारे खेलने की कला मैं ढिलाई आ सकती हैं कि अब तो हम हार ही चुके हैं तो क्या अच्छा खेलना। उन लोगों ने यह मैच काफी बेहतर तरीके से खेला और इतने बेहतर तरीके से कि जितने बेहतर तरीके से यह खेला जाना चाहिए था।

दोस्तों यह एक कर्म का नया रूप है देखिये यहां कोई आशा नहीं है। जो यहां हम नेताओं अथवा अन्य उदाहरण देखते हैं जो आज नहीं तो अगले चुनाव या फिर अगली बार की योजनाएं बनाते हैं। वह सोचते हैं कि अगर यह नहीं हुआ तो कुछ और कर लेंगे। वहां पर इन लोगों के पास अन्य संभावनाएं हैं।

लेकिन यहां तो संभावना ही नहीं है बल्कि जो संभावनाएं हैं वह विपरीत है, यानी कि ‘सफलता की संभावना’ है..! यहां तो असफल हो ही चुके हैं, ‘असफलता की घोषणा’ हो चुकी है इसके बावजूद अगर कर्म के प्रति मन में प्रेम का भाव बना हो तो क्या आपको नहीं लगता कि यह कर्म का एक नया रूप है या कर्म का एक अलग आयाम है।

One of the Best Motivational Story In Hindi, ऐसा जीवन कहीं नहीं देखा होगा..।

दोस्तों हमें उम्मीद है कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी और पसंद ही नहीं बल्कि आपने इससे जरूर अपने लिए कुछ ना कुछ निकाला होगा। आपको यह कहानी कैसी लगी?

आपके सवाल और सुझावों का हमेशा से स्वागत है। आप हमें अपने सवाल और सुझाव Comment कर सकते हैं या हमें E-Mail करके भी सूचित कर सकते हैं।

आप हमें अपने सवाल और सुझाव कमेंट कर सकते हैं। ऐसी Post की जानकारी के लिए आप Notification “Allow” करना ना भूलें।

Pillars of Democracy (UPSC): Meaning, Understanding, Countries Examples

जय हिन्द जय भारत !!

Class 10 MCQs Practice for the Board Examination.

15 COMMENTS

  1. प्रिय Himanshu Bro, you are right.
    वो कहते है ना कि मन के जीते जीत और मन के हारे हार, अगर सच्चे कर्म से कोई भी काम करे तो जरूर सफलता मिलती है।

    मैं भगवान से प्रार्थना करूंगा कि आप आगे भी ऐसे ही लोगों तक अच्छी जानकारी देते रहे।

    • धन्यवाद सोनू जी, अपनी प्रतिक्रिया देने लिए। हम आपको ऐसी ही जानकारी इस ब्लॉग के पहुंचते रहेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here