Home Blog Page 13

Continental Drift Theory UPSC – Alfred Wegener by Learners Inside

6

आज हम महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत (Continental Drift Theory for UPSC) के बारे मे चर्चा करेंगे।

महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत (Continental Drift Theory) को समझने से पहले हमें उस व्यक्ति के बारे में जानना जरूरी है, जिसने महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत (Continental Drift Theory) को प्रस्ताव दिया। उन्होंने यह विचार रखा कि जो महाद्वीप हैं, वह गतिमान है यानी कि इनमें लगातार गति होती रहती है।

अल्फ्रेड वैगनल (Alfred Wegener) कौन है?

  • उस व्यक्ति का नाम है अल्फ्रेड वैगनल (Alfred Wegener)
  • इनका जन्म जर्मनी (Germany) में हुआ था।
  • इनका जीवन काल 1880 से 1930 तक रहा।
  • Alfred Wegener जर्मनी के ध्रुवीय शोधकर्ता (Polar Researcher), भूभौतिकीविद् (Geophysicist), और मौसम विज्ञानी (Meteorologist) थे।
  • इन्होंने महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत (Continental Drift Theory) 1912 में दिया था।

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत । Plate Tectonic Theory UPSC in Hindi

महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत (Continental Drift Theory) क्या है?

उन्होंने कहा कि आज जो विश्व में हम महाद्वीप (Continents) देखते हैं वह पहले आपस में जुड़े हुए थे, जिसे पैंजिया (Pangea) कहा जाता है।महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत । Continental Drift Theory in Hindi by HimanshuAgrawal24

पैंजिया (Pangea) एक जर्मन शब्द (German Word) है। जिसका अर्थ संपूर्ण पृथ्वी होता है। और इसके इलावा जो विशाल महासागर (Huge Ocean) हुआ करता था, वह पंथालसिक महासागर (Panthalassic Ocean) के नाम से जाना जाता है।

The Drainage System of India, Indian River System In Hindi Rivers Of India

महाद्वीप के बनने की प्रक्रिया लगभग 20 करोड़ साल पहले से शुरू हो गई थीं। यानी कि 20 करोड़ वर्ष पूर्व पहली बार पैंजिया (Pangea) का दो भागों में विभाजन हुआ। जिसे अंगारा लैंड (Laurasia) और गोंडवाना लैंड (Gondwanaland) के नाम से जाना जाता है। और फिर इन दोनों जमीनों के बीच की जगह में जब जल का भरा हुआ तो उसे टेथिस सागर (Tethys Sea/Ocean) कहा के नाम से जाना जाता है।

और समय के साथ साथ गुरुत्वाकर्षण शक्ति (Gravitational force), समुद्री धाराओं (Ocean Currents) का प्रभाव तथा अन्य शक्तियों के माध्यम से अंगारा लैंड (Laurasia) और गोंडवाना लैंड (Gondwana Land) जमीन के टुकड़ों का विभाजन होने लगा। जो कि आज हम विश्व के महाद्वीपों (Continents) तथा द्वीपों (Islands) के रूप में देखते हैं।

हमें उम्मीद है कि आपको यह छोटा सा लेकिन महत्वपूर्ण टॉपिक (Continental Drift Theory UPSC) अच्छे से समझ में आया होगा। हमने इसे ज्यादा विस्तृत रूप नहीं दिया है ताकि इस की मूलभूत बातें आपको समझ में आ सके।

Meaning of Monarchy, Dictatorship and Communism System in Hindi

4

इस लेख के माध्यम से हम आपको राजशाही, तानाशाही और साम्यवाद प्रणाली के अर्थ (Meaning of Monarchy, Dictatorship and Communism System in Hindi.) के बारे में बताएंगे।

Meaning of Monarchy, Dictatorship and Communism System in Hindi.

परिवर्तन ही प्रकृति का नियम है। उसी तरीके से समाज की जो कार्यप्रणाली है या पद्धति है, वह भी समय के अनुसार परिवर्तित होते रहते हैं आज हम आपको राज्य की तीन महत्वपूर्ण कार्यप्रणाली के बारे में बताएंगे। राजशाही, तानाशाही और साम्यवाद प्रणाली का मतलब (Meaning of Monarchy, Dictatorship and Communism System in Hindi.)

राजतंत्र (Monarchy) :-

monarchy Meaning in Hindi By HimanshuAgrawal24
monarchy Meaning in Hindi By HimanshuAgrawal24
    • इसका अर्थ (Meaning) राजा के शासन से है।
    • राजतंत्र (Monarchy) सरकार का सबसे पुराना रूप है।
    • राज्य में कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए इसका मुख्य काम है।
    • यह सबसे ज्यादा स्वीकृत और दीर्घायु वाली व्यवस्था रही है।
    • राजतंत्र वंशानुगत (Hereditary) चलने वाला तंत्र है।
    • दुनिया के लगभग सभी देशों में आज भी इसके बीज मौजूद हैं।
    • यह व्यवस्था भारत में अंग्रेजों के काल की समाप्ति (!947 or More) अथवा थोड़े अधिक समय तक रही हैं।
    • राजतंत्र में शक्ति का केंद्रीकरण (Centralization of Power) होता है। जिससे राजा अत्याचारी और विलासी हो जाता है।

Pillars of Democracy: Meaning, Understanding, Countries Examples

नोट:‌-

शक्ति का सिद्धांत (Principle of Power) – “सत्ता मनुष्य को भ्रष्ट करती है और परम सत्ता परम भ्रष्ट करती है

    • हालांकि राजतंत्र व्यवस्था में राजा का संवैधानिक दायित्व (Constitutional Obligation) जनता का कल्याण करना नहीं होता है बल्कि कानून और व्यवस्था बनाए रखना है।
    • हालांकि भारतीय इतिहास में कुछ राजाओं को काफी लोकप्रिय अथवा कल्याणकारी शासक माना जाता है, जैसे जहांगीर, अकबर, और विक्रमादित्य आदि।
    • राजतंत्र दैवीय शक्ति के सिद्धांत (The Principle of Divine Power) के ऊपर काम करता है।

ब्रिटेन दुनिया की सबसे पुराने आधुनिक लोकतंत्र प्रणाली (Modern Democracy System) में से एक है लेकिन आज भी वहां पर राजतंत्र के व्यवस्था के कुछ अवशेष महारानी के ताज के रूप में देखा जा सकता है।

{Detail} Democracy in India & Other Countries & Direct लोकतंत

दैवीय शक्ति के सिद्धांत (The Principle of Divine Power) क्या है?

जो राज्य ईश्वर द्वारा निर्मित किया गया है और जो राजा है वह इस पृथ्वी पर ईश्वर का प्रतिनिधि (राजदूत) है। इसलिए राजा के आदेश का पालन करना ईश्वर के आदेश का पालन करना है। और राजा के आदेश की अवहेलना ईश्वर के आदेश की अवहेलना करना है।

Interesting Fact:- आधुनिक भारत में एक ऐसे भी राजा हुए हैं जिन्होंने अपनी सत्ता स्वयं जनता को समर्पित की है। उन्हें लगा अब यहां पर राजतंत्र नहीं बल्कि लोकतंत्र होना चाहिए। वह राजा थे भूटान के।

Read More :- ईश्वर को समझने का अवसर – What is God – Where is God? Where is the God at the time of Lockdown?

तानाशाही (Dictatorship) :-Meaning of Monarchy, Dictatorship and Communism System in Hindi By HimanshuAgrawal24

  • इसमें सत्ता एक व्यक्ति के हाथ में होती है और वह व्यक्ति एक अत्याचारी शासक माना जाता है, जैसे हिटलर।
  • राजतंत्र व्यवस्था वंशानुगत होती है लेकिन जरूरी नहीं कि तानाशाही व्यवस्था वंशानुगत हो
  • तानाशाही व्यवस्था (Dictatorship) में भी शक्ति का केंद्रीकरण होता है। यानी की पूरी शक्ति एक व्यक्ति के हाथ में होती है।
  • लोकतंत्र (Democracy) भी आपातकाल के जरिए (Emergency) तानाशाही में बदल सकता है और नागरिकों के अधिकार खत्म या फिर सीमित कर सकता है आपातकाल के जरिए – जैसे भारत में 1975

[Examples] A Beautiful Motivational Story in Hindi, Brain Mechanism (How brain works.)

आपातकाल (Emergency) क्या है?

आपातकाल का अर्थ (Meaning of Emergency) किसी भी व्यवस्था में बिखरी हुई शक्तियों का केंद्रीयकरण (Centralization of Power) करना है।

साम्यवादी व्यवस्था (Communist System)

  • साम्यवादी व्यवस्था (Communist system) का सबसे बड़ा उदाहरण आज के संदर्भ में रूस और चाइना है।
  • साम्यवादी व्यवस्था (Communist system) में ‘एक दलीय सरकार’ होती है।
  • एक दलीय सरकार का मतलब जिसमें एक ही राजनीतिक दल चुनाव में भाग ले सकता है।
  • उसी दल के सदस्यों में से ही कोई भी एक सदस्य सत्ता के केंद्र में होता है।
  • साम्यवादी व्यवस्था (Communist system) में जनता पर दबाव बनाए रखा जाता है।
  • इस व्यवस्था में जनता के अधिकार सीमित होते हैं।
  • निजी संपत्ति का बहुत कम अस्तित्व रह जाता है।
  • सारी संपत्ति राज्य/देश की मानी जाती है।
  • सरकारी विभाग बहुत प्रधान होते हैं।
  • सारी चीजों में सरकार का जबरदस्त नियंत्रण होता है।
  • साम्यवादी व्यवस्था (Communist system) में अभिव्यक्त करने की स्वतंत्रता (Freedom to Expression) बहुत सीमित होती है।

Major Information of Important Rivers of India!

ईश्वर को समझने का अवसर – What is God – Where is God?

मुझे लगता है कि इस कोरोना वायरस (Corona Virus) के दौर ने ‘ईश्वर के स्वरुप’ (Nature of God) अथवा ‘ईश्वर को समझने का अवसर’ (Opportunity to Understand God) दिया है। Understand, What is God – Where is God?

ईश्वर को समझने का अवसर (Opportunity to Understand God) – What is God – Where is God?

कोरोना वायरस और जीवन

यह बहुत अच्छी बात है कि अब कोरोनावायरस से बंद हिंदुस्तान अब खुल (Unlock) रहा है। और जिस तरीके से चीजें धीरे-धीरे खोली जा रही है और हमारे दिमाग की जकड़न भी धीरे धीरे धीली होती जा रही है।

यह दौर आया, रहा और हमने इसे जीया और हमारी जिंदगी का एक अनोखा हिस्सा रहा है। शायद ही इतिहास की पीढ़ी ने अब तक ऐसा अनुभव नहीं किया होगा, जिसे आज आप और हम लोग अनुभव कर रहे हैं।

तो क्या हमें यह अभूतपूर्व या अनोखा समय, जो हमारी जिंदगी में शामिल हो गया है, क्या हमें यूं ही जाना चाहिए या फिर इस समय के टुकड़े को लेकर इसी प्रयोगशाला बनाकर इस पर अध्ययन करना चाहिए, जिंदगी के बारे में नए तत्वो अथवा – नए विचार खोजने चाहिए?

दोस्तों मुझे ऐसा लगता है कि हमें इस समय का सही रूप से विश्लेषण करना चाहिए और हर चीज को कार्यकारणसंबंध के नजरिए से देखना चाहिए।

प्रकृति के सिद्धांत और धर्म एवं परंपराएं (Principles of Nature and Religions and Traditions

इस बीच जो हमने इस जीवन को जीया है,

    • जिन – जिन आदतों को हमने छोड़ा है,
    • हमारी नई सोच और नई आदतों का विकास हुआ है,
    • चाहे जो संबंधों का नया आयाम विकसित हुआ हो,
    • समय के साथ जो हमारा तालमेल रहा हो,
    • चाहें ये दिमागी परेशानियां – उल्लास से गुजरे हैं,

यह सारी चीजें हमने गंभीर रूप से, इस वक्त अनुभव किया है और अनुभव ही नहीं, हमने इसे जिया है और यही समय हमें जिंदगी में नए-नए आयामों अथवा चीजों पर विचार करने पर मजबूर करता रहेगा।

दोस्तों मुझे लगता है कि इस समय, जो हमको सबसे ज्यादा विचार करना चाहिए अथवा इस समय (कोरोना वायरस के समय) को एक लैब मानते हुए प्रयोग करना चाहिए – वह है धर्म के ऊपर

कोरोना वायरस वैक्सीन पर नरेंद्र मोदी जी ने भारत के बारे में क्या कहा?

हमको धर्म के बारे में समझना चाहिए यह वास्तव में क्या चीज है और धर्म को समझने के लिए अभी जो हमारे पास अवसर है वह शायद ही कभी हमारे पास हो! और ईश्वर ना करें कि आगे कभी आए।

अगर हम आज के दौर को देखें तो हिंदुस्तान ही नहीं पूरी दुनिया में कोरोना वायरस ने अपनी तानाशाही स्थापित कर रखी है। आज पूरा हिंदुस्तान से लेकर सारे धार्मिक स्थल तक बंद है। और यहां तक कि अखबारों में यह खबर तक आई कि कुछ धार्मिक स्थलों ने अपने ईश्वर को भी कुछ समय के लिए क्वॉरेंटाइन कर दिया है – मतलब ईश्वर को भी क्वॉरेंटाइन! चाहे वह किसी भी धर्म के हो आज सारे धार्मिक स्थल तक बंद है।

India’s New Education Policy 2020 {Hindi} Details and Analysis, pdf

धार्मिक स्थल

अगर कुछ स्थान खुल भी रहे हैं तो उन्हें सरकार के नियमों का पालन करना पड़ रहा है। जैसे –

    • एक दूसरे से दूरी बनाए रखनी है।
    • समय-समय पर सेनेटाइज करना होगा।
    • भीड़ से बचा कर रखना है।
    • कुछ प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में भक्तों की संख्या सीमित कर दी गई है।
    • और यहां तक कि मूर्ति तथा धार्मिक ग्रंथों को स्पेर्श करने का अधिकार नहीं होगा।

A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!

दोस्तो मन मै एक विचार आता है कि ईश्वर जो अपने आप में इतना सर्वशक्तिशाली है, जिसने पूरे ब्रह्मांड और हम जैसे जीवो का रचना की है क्या उसमें इतनी शक्ति नहीं है कि वह कोरोनावायरस को नियंत्रित कर सके या कम से कम अपनी ही धार्मिक स्थलों को इससे सुरक्षित कर सकें। क्या यज्ञ अथवा अनुष्ठान या अलग-अलग धर्मो की जो पद्धतियां है उ के माध्यम से इसे रोका नहीं जा सकता था या है?

दोस्तो यह सब बातें हमें ‘ईश्वर के वास्तविक स्वरुप’ से परिचित कराती है। दोस्तों हमें यह समझना होगा जिसे हम ईश्वर/अल्लाह/God या किसी भी नाम से हम पुकारते हैं उनका वास्तविक स्वरुप आखिर है क्या? वह हमारे सामने किस रूप में है जो हमारी शक्ति का कारण बन सके।

दोस्तों यह सर्व शक्तिशाली हमारी अपणी आस्था, हमारा आत्मविश्वास, हमारा अपना भरोसा है। जैसे कि इस कोरोनावायरस के दौर में हमसे कहां गया कि हम अपने प्रतिरक्षा शक्ति (Immune power) को मजबूत बनाए रखें। हालांकि प्रतिरक्षा शक्ति (Immune power) को मजबूत के लिए भौतिक रूप में काफी तरीके हैं जैसे – दवाइयां, व्यायाम, योगा आदि। इसका जो महत्वपूर्ण पक्ष था कि अगर हम डरेंगे तो हमारा प्रतिरक्षा शक्ति (Immune power) कम हो जाएगी।

Lockdown is the Best Time to Discover Yourself…!!

अगर हम ईश्वर पर विश्वास रखते हैं तो जो हमारा डर है वह काफी हद तक कम हो जाता है। यानी कि जो हमारी प्रतिरक्षा शक्ति (Immune power) है, वह मजबूत हो जाती है और जिससे बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है। और अगर यह मेरी आस्था, मेरी ताकत बनकर मेरे Immune Power को पढ़ा रही है, तो मेरे लिए ईश्वर का इससे बड़ा सबूत क्या हो सकता है..!

जिससे पूरी दुनिया भयभीत है वह हमे इतना नहीं डरा पा रहा है क्योंकि हमने ईश्वर का आश्रय ले रखा है। और इसके साथ ही हमें सरकार अथवा चिकित्सा विज्ञान (Medical Science) के निर्देशों का पालन भी करना पड़ रहा है। और अब तक हम जो जीवित है वह इन दोनों के प्रयासों से ही हैं – चिकित्सा विज्ञान या सरकार और ईश्वर (जो कि अपने आप में एक विज्ञान है…!)।

Today : Ram Prasad Bismil’s 123rd Birth Anniversary, A Revolutionary Leader..!!

आज हमारे देश के क्रांतिकारी नेता, राम प्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) की 123 वीं जयंती, एक क्रांतिकारी नेता है।

Today is Ram Prasad Bismil’s 123rd Birth Anniversary, A Revolutionary Leader..!

सरफ़रोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है,  देखना है ज़ोर कितना बाज़ु-ए-कातिल में है!
वक्त आने दे बता देंगे तुझे ऐ आस्माँ!  हम अभी से क्या बतायें क्या हमारे दिल में है..!!

यह पंक्तियां महान क्रांतिकारी रामप्रसाद बिस्मिल (Ram Prasad Bismil) की है। जिन्होंने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी और देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों की आहुति दे दी। राम प्रसाद बिस्मिल भारत के केवल स्वतंत्रता सेनानियों ही नहीं बल्कि उच्च कोट क़े शायर, अनुबादक, बहुभाषाभाषी इतिहासकार और साहित्यकार भी थे।

राम प्रसाद बिस्मिल का जन्म 11 जून 1897 को उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर शहर में हुआ था। पिता का नाम पंडित मुरलीधर और माता का नाम श्रीमती मूलमती था। बिस्मिल उनका उर्दू नाम था, जिसका हिंदी अर्थ होता है आत्मिक रूप से आहात। राम प्रसाद बिस्मिल भी पराधीनता (Dependence) से आहात थे। और आजादी के आंदोलन में उन्होंने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लेकिन स्वतंत्रता आंदोलन को चलाने के लिए धन की जरूरत थी। इसीलिए क्रांतिकारियों ने सरकारी खजाने को लूटने के लिए एक योजना बनाई।

  1. 9 अगस्त 1925 को शाजापुर से लखनऊ जा रही ट्रेन में ब्रिटिश सरकार का खजाना जा रहा था और इसे काकोरी गांव में लूट लिया गया। और अंग्रेजों को क्रांतिकारियों का यह कदम एक हमलें के रुप में लगा।

और इस योजना में शामिल राम प्रसाद बिस्मिल को ब्रिटिश सरकार ने बेरहम बिरहा 19 दिसंबर 1927 को गोरखपुर जेल में षड्यंत्र रच कर उनको फांसी पर लटका दिया गया। लेकिन राम प्रसाद बिस्मिल के जज्बे ने पूरे देश को अंदर से झकझोर कर रख दिया। और भारतवासियों के मन में जो इन्होंने लौ जलाई थी वह चिंगारी का रूप लेने लगी।

अभी तो उन्होंने एक जगह लिखा था

पलट देते हैं हम मौजे-हवादिस अपनी जुर्रत से:

कि हमने आंधियों में भी चिराग अक्सर जलाई है..!!

 

उन्होंने कहा था

असीराने-क़फ़स से काश, यह सैयाद कह देता,
रहो आज़ाद होकर, हम तुम्हें आज़ाद करते हैं।

“कौन जाने ये तमन्ना इश्क की मंजिल में है। जो तमन्ना दिल से निकली फिर जो देखा दिल में है।।”

राम प्रसाद बिस्मिल 19 वर्ष की उम्र में क्रांति की मशाल हाथ में थाम ली और देश को स्वतंत्र कराने का बीड़ा उठाया था। और अपनी आखरी सांस तक इन्होंने अपने देश की आजादी के लिए अभूतपूर्व प्रयास किए।

इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर करे। और हमरे स्वतंत्रता सैनानियों को नमन करें।

Click Here :-प्रकृति के सिद्धांत और धर्म एवं परंपराएं (Principles of Nature and Religions and Traditions

Earthquake Information in Hindi – Effects, Causes, Terminology, etc

“इसमें कोई दो राय नहीं कि भूकंप प्राकृतिक आपदाओं (Natural Disaster) में से विनाशकारी आपदाओं में से एक है। इसके माध्यम से हम आपको – भूकंप क्या है? उसकी शब्दावली, कारण अथवा उससे क्या प्रभाव होते हैं, इस सब के बारे में चर्चा करेंगे।” (Earthquake Information in Hindi)

Earthquake Information in Hindi – Effects, Causes, Terminology, etc

भूकंप क्या है? (What is an Earthquake?)

भूकंप (Earthquake) पृथ्वी पर सबसे ज्यादा विनाशकारी आपदाओं (Natural Calamities) में से एक है। यह एक प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) है। यह दो शब्दों से मिलकर बना हुआ है – भू + कम्प / कंपन जिसका मतलब होता हैपृथ्वी का कामना’

याद रखें :-

पृथ्वी की Dictionary में कोई विकास और विनाश नाम का शब्द नहीं होता है। वह तो बस अपना कार्य करती रहती है अपने आप को संतुलन (Balance) करने के लिए पृथ्वी पर ऐसा होता रहता है जैसे – ज्वालामुखी सुनामी, बाढ़, भूकंप इत्यादियह पृथ्वी द्वारा संतुलन प्राप्त करने के प्रयास हैं।”

सौर मंडल !! Solar System in Hindi !! Space Science

भूकंप की  शब्दावली (Terminology of Earthquake)

भूकंप (Earthquake) को समझने से पहले हम कुछ इससे संबंधित शब्दावली (Terminology) को समझना काफी महत्वपूर्ण है।

  • पृथ्वी के अंदर जिस जगह से भूकंप (Earthquake) का उद्गम होता है उसको ‘बिन्दु केन्द्र या हाईपो सेंटर (Hypocenter)’ कहते है।
  • पृथ्वी के अंदर हाईपो सेंटर (Hypocenter) से अब हम लंबवत रूप में (Vertically) पृथ्वी की सतह की तरफ जाते हैं, जहां भूकंप की तरंगों का सबसे पहला प्रभाव पड़ता हैं, उस स्थान को ‘उपरिकेंद्र/ अधिकेंद्र (Epicenter)‘ कहते हैं।

रिक्टर पैमाना (Richter Scale) (ML)

भूकंप (Earthquake) की तीव्रता को नापने के लिए रिक्टर पैमाने (Richter Scale) का इस्तेमाल किया जाता है। इसका जो पैमाना (Reading) होता है लगभग एक से दस  तक होता है।

    • 1 to 4 (ML)    –               Very Low Vibration
    • 4 to 6 (ML)    –               Medium
    • 6 (ML)           –               Strong
    • 7 (Ml)            –               Very Stong
    • 8 or 8 + (ML) –               Serve (Very Destruction)

एक अमेरिकी भूभौतिकीविद् (An American Geophysicist) ने “प्रत्यास्थ पुनश्चलन सिद्धांत (Elastic Rebound Theory)” का सिद्धांत दिया था। जिसमें उन्होंने बताया कि जिस तरह हम रबड़ (Rubber Band) को खींचते हैं तो उसमें हलचल पैदा होती है, वह अपनी स्थिति में ना होकर उसमें दबाव अथवा तनाव की स्थिति आ जाती है परंतु जब हम उसे छोड़ देते हैं तो वह फिर से अपनी स्थिति प्राप्त कर लेती है। ठीक उसी तरह इन चट्टानों (Rocks) की भी अपनी खिंचाव की सीमा है। (These Rocks have their own Limitations of Elasticity).

The Drainage System of India, Indian River System In Hindi

भूकंप के कारण (Causes of Earthquake)

What is Earthquake? Earthquake Causes, Terminology and Effects of Earthquake.

भूकंप (Earthquake) एक प्राकृतिक आपदा (Natural Disaster) है जिसके दो कारण होते हैं – प्राकृतिक कारण (Natural Causes) (जैसे – चट्टान टूटना, समुद्र में मलवा इकट्ठा होना इत्यादि) जो कि अधिक तीव्रता वाले होते हैं।

जबकि मानवजनित कारण (Human Causes) जो तुलनात्मक हल्के होते हैं। (जैसे – बड़े बांध बनाना। इसके कारण पृथ्वी के भू – तल पर एक ही जगह बहुत अधिक दबाव पड़ता है) इसका सबसे अच्छा उदाहरण – 1967 में कोयना/koyna. महाराष्ट्र में जो भूकंप आया था, वह बांध के कारण ही आया था।

Important Points:-

    • मनुष्य भी प्रकृति को परेशान कर रहा है उसके कारण भी प्रकृति में असंतुलन की स्थिति आ जाती है उससे भी भूकंप (Earthquake) पैदा हो रहे हैं।
    • भूकंप (Earthquake) उन क्षेत्रों में ज्यादा आएंगे यहां की पृथ्वी किसी भी कारण से कमजोर होगी।
    • भूकंप (Earthquake) उन क्षेत्रों में ज्यादा आएंगे जहां ज्वालामुखी विस्फोट (Volcanic Activity) ज्यादा होंगे।
    • ज्वालामुखी और भूकंप का अंतर संबंध है, सामान्यतः जहां ज्वालामुखी आते हैं वहां भूकंप भी आते हैं।
    • भूपर्पटी (Crust) पर भ्रंश (Prolapse) या उभार/दरार (Bulge/Crack) आ जाते हैं।
    • भूकंप (Earthquake), प्लेट विवर्तनिकी सिद्धांत (Plate Tectonics Theory) के कारण आते हैं।
    • पृथ्वी में असंतुलन के कारण भूकंप आते हैं।
    • भूकंप (Earthquake) उन क्षेत्रों में ज्यादा आएंगे यहां भूकंप की पट्टी आया कौन होते हैं भूकंप के ज़ोन होते हैं। (जैसे – प्रशांत महासागर तटीय पट्टी, )

Read More :- ईश्वर को समझने का अवसर – What is God – Where is God? Where is the God at the time of Lockdown?

याद रखें :- “प्रकृति के शब्दकोश में विकास या विनाश जैसी कोई चीज नहीं है।“ (“There is no such thing as development or destruction in the Dictionary of the Nature”.)

भूकंप से होने वाले विनाश (Destruction) के बारे में तो आप जानते ही होंगे। लेकिन भूकंप से लाभ भी होते हैं चलिए हम आपको भूकंप से होने वाले कुछ लाभ के बारे में बताते हैं।

What is Ocean Currents UPSC and Sargasso Sea? Major Ocean Currents in the World.

भूकंप से होने वाले प्रभाव (Effects of Earthquake)

भूकंप से उत्पन्न होने वाली परिस्थितियों से नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं और सकारात्मक भी।

भूकंप के नकारात्मक प्रभाव (Negetive Effects of Earthquake)

Important Points:-

    • चारों तरफ तबाही (Destruction all around)
    • जान और माल का नुकसान (Loss of life and property)
    • तबाही का चरम स्तर (Extreme level of catastrophe)
    • पर्यावरण को नुकसान होना (Environmental damage)
    • चारों तरफ हाहाकार मच गया (Wreaking havoc all around)
    • रोजगार का छिन जाना (Lose employment)
    • लोगों के जीवन पर नकारात्मक चौतरफा प्रभाव करना (To have a negative all-round effect on the lives of people)
    • जमीन का कटाव एवं दरार पड़ना (Erosion and Cracks of the Ground)

भूकंप से होने वाले प्रभाव को देखें तो यह आम जीवन भर बहुत गंभीर होता है।

महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत । Continental Drift Theory UPSC in Hindi

भूकंप के सकारात्मक प्रभाव (Positive Effects of Earthquake)

ऐसा नहीं है कि भूकंप भी केवल नकारात्मक प्रभाव ही होते हैं इसके कुछ सकारात्मक प्रभाव भी होते हैं

Important Points:-

    • पर्वतों की उत्पत्ति (Origin of Mountains)
      • पर्वतों की उत्पत्ति (Origin of Mountains) भूकंप (Earthquake) के कारण ही हुई है। भूकंप से केवल दरारें ही नहीं पड़ती है बल्कि उभार भी होते हैं। और पर्वतों के क्या लाभ हैं यह तो आप जानते ही हैं – वनस्पतियों से लेकर पर्यटन तक पर्वतों के अधिक लाभ होते हैं।
    • भूकंप इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे पृथ्वी के अंदर (भूमिगत) क्या चल रहा है, इसका स्वरूप प्रदान करता है।
    • समुद्र के तटवर्ती क्षेत्र प्राकृतिक बंदरगाह के बनाने में भूकंप का बहुत बड़ा योगदान होता है।
    • भूकंप के कारण कभी-कभी समुद्र में डूबी हुई जमीन बाहर आ जाती है जिससे द्वीपों का निर्माण होता है।
    • अन्य लाभ…

The Strongest Earthquakes Caught On Camera! (Video)


इस लेख के माध्यम से (Earthquake Information in Hindi) आपको – भूकंप क्या है? उसकी शब्दावली, कारण अथवा उससे क्या प्रभाव होते हैं, इस सब के के विषय में मूलभूत जानकारी (Basic Knowledge) दी गई है। हमें उम्मीद है कि आपको यह लेख पसंद आया होगा।

आपके सवाल और सुझावों का हमेशा से स्वागत है। आप हमें अपने सवाल और सुझाव कमेंट कर सकते हैं

ऐसी Post की जानकारी के लिए आप Notification “Allow” करना ना भूलें।

India’s New Education Policy 2020 {Hindi} – Details and Analysis, pdf

जय हिन्द जय भारत !!

Find Class 10 MCQs Practice for the Board Examination.

A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!

A Beautiful Motivational Story in Hindi of a Genius, एक खूबसूरत प्रेरणादायक कहानी..!

मैं इस कहानी को (A Beautiful Motivational Story in Hindi – of a Genius) काफी सरल शब्दों में अथवा उदाहरणों के माध्यम से समझाने की कोशिश करूंगा।

यह कहानी एक सच्ची घटना पर आधारित है, जिससे हम और आप लोग अपने लिए बहुत कुछ निकाल सकते हैं और अगर हम ज्यादा गंभीरता से सोचेंगे, तो अपनी दृष्टि में कर्म के प्रति” एक सही रूप ला सकते हैं। यह कहानी (Motivational Story in Hindi) कर्म के आयामों के ऊपर है…!

[Examples] A Beautiful Motivational Story in Hindi, Brain Strength/Power

काम का एक पक्ष – (Motivational Story in Hindi)

मान लीजिए अगर आप किसी किसान को रेगिस्तान में हल चलाते हुए देखते हैं और उससे आप पूछ रहे हैं कि आप यहां पर किस चीज की खेती करोगे? और वह यह कहता है कि मैं यहां धान की खेती करूंगा..!! आप उसके बारे में क्या सोचोगे? आप सोचोगे कि यह मूर्ख है। क्या रेगिस्तान में कोई धान की खेती हो सकती है .!

अगर वह नागफनी या बैर – वगैराह की खेती की कहता तो बात थोड़ी सी समझ में आती। लेकिन रेगिस्तान में वह भी धान की खेती – असंभव !

मान लीजिए एक अकादमी ऐसी जगह जाता है जो पूरी तरह से सुनसान है, जहां कोई आदमी नहीं है, और वहां पर एक किराना सामान की अच्छी खासी दुकान (Super Store) खोल ले। तो आप उस व्यक्ति के विषय मे क्या कहेंगे? कि यह कितना मूर्ख व्यक्ति है यहां पर किराना का सामान खरीदने भला कौन आएगा..!

मान लीजिए अगर आप किसी ऐसे व्यक्ति के पास नौकरी करने जा रहे हैं, जिसको खुद नौकरी की तलाश है और उसकी आर्थिक स्थिति बहुत खराब है और वह खाली बैठा हुआ है जो बदले में आपको कुछ भी नहीं दे सकता। लेकिन आप उसके पास जाते हैं और अपना काम शुरू कर देते हैं।

जबकि आपको मालूम है कि आपको उससे बदले में कुछ भी नहीं मिलना है। उसे भी आप कहेंगे कि यह कैसा मुंह है मूर्ख है..!

यह काम का एक पक्ष हुआ। बात करते हैं काम के दूसरे पक्ष की।

India’s New Education Policy 2020 {Hindi} Details and Analysis, pdf

काम का दूसरा पक्ष – (Motivational Story in Hindi)

दूसरी तरफ जब चुनाव होते हैं चाहे – वह विधानमंडल के चुनाव हो या संसद के, अगर हम शुरु के दो – तीन प्रसिद्ध नेताओं को छोड़ दें, जो बड़ी-बड़ी पार्टी के होते हैं जिनके जीतने की संभावना होती है। लेकिन उसके बाद 10 – 15 उम्मीदवार और भी चुनाव में खड़े होते हैं जिनका हम और आप लोग नाम तक नहीं जानते।

वह उम्मीदवार भी यह जानकर खड़े होते हैं कि वह हारेंगे, उनकी जमानत जप्त हो जाएगी, लेकिन उसके बावजूद भी वह चुनाव में खड़े होते हैं।

यहां पर उन काम करने वालों को पता है कि वह हारेंगे, और पता ही नहीं उनको पूरा भरोसा है कि वह हारेंगे। फिर भी वह चुनाव में हिस्सा ले रहे हैं। वह अपने काम में लगे हुए हैं।

यह हुआ काम का दूसरा पक्ष। अब बात करते हैं काम के तीसरे पक्ष की।

ईश्वर को समझने का अवसर – What is God – Where is God? Where is the God at the Time of Lockdown…?

काम के तीसरे पक्ष – (Motivational Story in Hindi)

अब मैं आपसे तीसरी श्रेणी के बारे में बात कर रहा हूं मैं बात कर रहा हूं जो कि पूर्णता सत्य जीवन पर आधारित है।

एक व्यक्ति के ‘फादर इन लॉ’ (Father in Law) की तबीयत काफी खराब होने लगी थी और दिल्ली के डॉक्टरों का कहना था कि अब इनके पास चार-पांच महीने का ही वक्त शेष है। लेकिन फिर भी वह व्यक्ति और उसका परिवार उनके (Father in Law) इलाज में लगे रहे। समय बढ़ता चला गया लेकिन यह अच्छी बात थी कि अपेक्षाकृत उनको इलाज से लंबी उम्र मिली। अंततः नौ से दस महीने बाद दुर्भाग्यपूर्ण उनके ‘फादर इन लॉ’ ने उसी हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली।

इस दौरा में लगातार डॉक्टर उन्हें देख रहे थे और डॉक्टर ने स्पष्ट रूप से कह दिया था कि उनके स्वस्थ होने की कोई संभावना नहीं है। और वह लोग अपनी आंखों के सामने उनको तड़पते (डिस्ट्रॉय/Destroy) हुए होते हुए देख रहे थे। जैसे कि कोई दीवार बरसात के दिनों (ऊपर से दीवार को कुछ भी संरक्षण नहीं है) में धीरे-धीरे पानी से वह गल रही है और ख़त्म (डिस्ट्रॉय) हो रही है।

प्रकृति के सिद्धांत और धर्म एवं परंपराएं (Principles of Nature and Religions and Traditions

दोस्तों, यहां पर कोई संभावना नहीं कि वह स्वस्थ हो जाए, यह कोई संभावना नहीं थी कि जो बिगड़ती हुई स्थिति है वह ठीक हो जाए। लेकिन एक बात का संतोष उनको तथा उनके परिवार को रहा कि उन लोगों ने जो अपना काम किया पूरी तरीके से – मन लगाकर किया और उस तरीके से किया, जिस तरीके से किया जाना चाहिए था।

और अब जब भी उनको अपने Father-in-Law की याद आती है तो उनके पूरे परिवार को यह आत्म संतुष्टि होती है कि जो वह अपना सर्वोत्तम दे सकते थे, हर दृष्टि से वह उन लोगों ने किया।

दोस्तों जब भी डॉक्टर से उनकी बात होती थी तो वह अक्सर कहा कहते थे कि डॉक्टर साहब! हम एक हारा हुआ मैच खेल रहे हैं, मतलब कि एक ऐसा मैच जिसका परिणाम घोषित हो चुका है कि हम हार चुके हैं। लेकिन फिर भी हम खेल रहे हैं क्योंकि उस मैच का नियम यह है कि समय पूरा होने से पहले आप मैदान नहीं छोड़ सकते हैं।

आठवीं फैल लेकिन 22 साल की उम्र में हैकिंग कंपनी CEO, और करोड़ों का व्यापार

Ocean Currents UPSC : Types, Main Streams in Hindi, Sargasso Sea

इस महासागरीय धाराओं (Ocean Currents UPSC) के लेख में हम महासागरीय धाराएं (Ocean Currents) और मुख्य रुप से विश्व की प्रमुख जलधाराओं (Streams) के बारे में चर्चा करेंगे। तथा उनकी मूल विशेषताओं (Basic Characteristic) को देखेंगे और इसके साथ ही हम सर्गासो समुद्र (Sargasso Sea) के बारे में भी चर्चा करेंगे।

Ocean Currents UPSC : Types, Main Streams in Hindi, Sargasso Sea. महासागरीय धाराएँ और सरगासो सागर क्या है? महासागर धाराओं की मुख्य धाराएँ।Ocean Currents and Sargasso Sea

महासागरों (Oceans) के अंदर जल धाराएं होती हैं और यही जलधाराएं नदी के रूप में होती है। इस जल (मतलब इस जल की दिशाएं) का एक निश्चित दिशा में प्रवाहित होने का क्रम ही महासागरीय धाराएं (Ocean Currents) कहलाती है।

महासागरीय धाराएं क्या है? (What is Ocean Currents?)

एक निश्चित दिशा में निश्चित मात्रा में जल (Volume of Water) का प्रभावित होना ही महासागरीय जलधाराएं है।उत्पत्ति का कारण पृथ्वी का घूर्णन (Earth’s Rotating), कोरिओलिस बल (Coriolis force), वायुदाब (Air Pressure), हवाएं (Winds), वर्षा और वशीकरण (Rain and Captivity), जल का घनत्व (Volume of Water) अन्य कारक है।

इस महासागरीय धाराओं के लेख में (Ocean Currents UPSC) हम मुख्य रुप से विश्व की प्रमुख जल धाराओं के बारे में चर्चा करेंगे। तथा उनकी मूल विशेषताओं (Basic Characteristic) को देखेंगे और इसके साथ ही हम सर्गासो समुद्र (Sargasso Sea) के बारे में भी चर्चा करेंगे।

प्लेट विवर्तनिक सिद्धांत । Plate Tectonic Theory UPSC in Hindi

महासागरीय धाराएं के प्रकार (Types of Ocean Currents)

महासागरीय धाराएं दो प्रकार (Types of Ocean Currents) की होती है – गर्म जल धाराएं (Hot Water Currents) और ठंडी जल धाराएं (cold water streams)।

विश्व की महासागरीय धाराएं और उनकी मुख्य बातें एवं विशेषताएं Ocean Currents of the World and their salient Features/Characteristics

इन धाराओं को समझने की दृष्टि से, हम इन्हें तीन भागों में विभाजित करेंगे – उत्तरी अटलांटिक महासागर (North Atlantic Ocean), दक्षिण अटलांटिक महासागर (South Atlantic Ocean)और प्रशांत महासागरीय धाराएं (Pacific Ocean Currents)।

उत्तरी अटलांटिक महासागर (North Atlantic Ocean)

  1. खाड़ी की धारा (Gulf Stream) :-

    • यह एक गर्म जलधारा (Hot Stream) है।
    • इसका उद्गम (Origin) फ्लोरिडा प्रायद्वीप (The Florida Peninsula) से हुई है।
    • खाड़ी की धारा उत्तरी अमेरिका (North America) के पूर्वी तट के किनारे बहते हुए, पछुआ हवाओं (Westerlies) के संपर्क से यूरोप के पश्चिमी तट पर पहुंचा देती है।
  1. फ्लोरिडा धारा (Florida Stream) :-

    • यह गर्म जलधारा (Hot Stream) है।
    • फ्लोरिडा धारा (Florida Stream) फ्लोरिडा और क्यूबा के बीच बहती है।
    • इसकी उत्पत्ति व्यापारिक हवाओं के कारण होती है।
    • इसका घनत्व/उर्जा भी अधिक होती है।
    • यह केप हट्टरस (Cape Hatteras) से जाकर खाड़ी की धारा से मिलती है।

महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत । Continental Drift Theory UPSC in Hindi

  1. लैब्राडोर धारा (Labrador Current) :-

    • लैब्राडोर धारा ठंडी जलधारा (Cold Stream) है।
    • इसके ऊपर उत्पत्ति बफन की खाड़ी (Buffon Bay) से हुई है।
    • यह जलधारा आर्कटिक महासागर (Arctic Ocean) से होते हुए न्यूफाउंडलैंड (Newfoundland) के Grand Coast तट के पास गल्फ स्ट्रीम (Gulf Stream) से मिलती है।
    • यानी कि न्यूफाउंडलैंड (Newfoundland) में दोनों जलधाराएं मिलती है – गर्म जल धाराएं (Hot Water Currents) और ठंडी जल धाराएं (cold water streams)
    • इस क्षेत्र मेँ पूरे दिन और रात कोहरा बना रहता है।
    • यह क्षेत्र मछलियों के लिए काफी अनुकूल जगह माना जाता है।

नोट :‌- न्यूफाउंडलैंड (Newfoundland)कनाडा में है। यह कनाडा का प्रांत (Provinces) और द्वीप (Island)है।जिसकी आबादी लगभग 5 लाख है।

नोट :‌-कनाडा की जनसंख्या (Canadian Population) लगभग दो करोड़ है

[Examples] A Beautiful Motivational Story in Hindi, Brain Mechanism

दक्षिण अटलांटिक महासागर (South Atlantic Ocean)

  1. फ़ॉकलैंड जलधारा (Falkland Stream)

    • फ़ॉकलैंड जलधारा (Falkland Stream) ठंडी जलधारा (Cold Stream)) है।
    • यह अपने साथ वर्क के बड़े-बड़े टुकड़े वह आकर लेकर आती है।
    • जिसके कारण यह धारा दक्षिण अमेरिका के दक्षिण पूर्वी तट (South East Coast of South America) ठंडा रहता है।

Ocean Currents UPSC : Types, Main Streams in Hindi, Sargasso Sea

प्रशांत महासागरीय धाराएं (Pacific Ocean Currents)

  1. क्यूरोशियो धारा (Kuroshio Stream)

    • यह गर्म जलधारा है।
    • यह प्रशांत महासागर के दक्षिण भाग में जापान की तरफ बहती है।
    • इसे काली जलधारा भी कहा जाता है।
  2. कैलिफोर्निया धारा (California Current)

    • यह ठंडी जलधारा है।
    • इसकी उत्पत्ति कैलीफोर्निया की खाड़ी से हुई है।
    • यह ठंडी जलधारा होने के कारण मेक्सिको (Mexico) की गर्मी को कम कर देती है।
    • कैलिफोर्निया के ठंडी धाराओं के कारण कैलिफोर्निया में शीतल मरुस्थल (Cold Desert) का निर्माण होता है।

Click Here :- Major Information of Important Rivers of India!

  1. पेरू की धारा (Peru Current)

    • यह ठंडी महासागरीय जल धारा हैं।
    • यह दक्षिण अमेरिका के तट के सहारे बहते हुए उच्च अक्षांशों से निम्न अक्षांशों (Towards High Latitudes to Low Latitudes) की तरफ बहती है।
    • इस महासागरीय धारा कोहम्बोल्ट धारा (Humboldt Stream) भी कहा जाता है क्योंकि इस धारा का पता ‘अलेक्जेंडर वॉन हम्बोल्ट’ (Alexander Von Humboldt)भूगोलवेत्ता ने लगाया था।

Click Here :- Difference Between Himalayan Rivers and The Peninsular Rivers System

सर्गासो या सारगैसो सागर (Sargasso Sea) :-What is Ocean Currents and Sargasso Sea? Major Ocean Currents in the World

  • यह उत्तरी अटलांटिक महासागर मैं स्थित है।
  • सारगैसो सागर (Sargasso Sea) चार महासागरीय धाराओं के बीच मैं स्थित है।
    • चार धाराओं के नाम
      • खाड़ी की धारा (Gulf Stream),
      • उत्तर भूमध्य रेखीय धारा (North Equatorial Stream)
      • उत्तरी अटलांटिक प्रभाव (North Atlantic Impact)
      • कनारी धारा (Canary Stream)
  • मध्य में यह बहुत शांत एवं स्थिर जल का क्षेत्र है। इस बहुत शांत एवं स्थिर वाले क्षेत्र को ही (मध्य वाले हिस्से को ही) सारगैसो कहा जाता है।
  • यह चारों धाराएं मिलकर गोलाकार आकृति का निर्माण करती है जिसके कारण पानी मध्य में शांत रहता है।
  • इस गोलाकार हिस्से में एक तरह की घास होती है, जिसका नाम सरगासो है।
  • इस घास की जड़ नहीं होती यह बिना जड़ के ही तैरती रहती है।
  • सारगैसो सागर (Sargasso Sea) समुद्र के अंदर समुद्र है।
  • यहां का पानी बहुत साफ है। इतना साफ कि यहां का पानी नीला दिखता है और लगभग हम 200 फीट (200 feet) की गहराई तक देख सकते हैं।
  • इसका क्षेत्रफल (Area) – 3200 KM लंबा और 1100 KM चौड़ा है।

Major Information of Northern Plains of India ! Point by Point

What is the Atmosphere? Layers, Composition, Particles, Facts in Detail in Hindi

Difference Between Himalayan and Peninsular Rivers in Hindi

“पिछली लेख मे हमने आप लोगों से भारत की महत्वपूर्ण नदियों (Major Drainage system of India) के बारे मे चर्चा की थी। जिसमे हमने आप लोगो को भारत की नदियों (Rivers of India) के विषय में थोड़ा विस्तार के साथ अथवा मूलभूत जानकारी दी गई थी। आप इस लेख को उसी का विस्तार कह सकते है।”

इस लेख मे हम हिमालयन नदी प्रणाली और प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली के बीच मुख्य अंतर (Main Difference Between Himalayan and Peninsular Rivers in Hindi) को व्यक्त करेंगे।

Difference Between Himalayan and Peninsular Rivers in Hindi (Rivers of India)..!

(हिमालयनदी प्रणाली और प्रायद्वीपीय नदी प्रणाली के बीच मुख्य अंतर..!)

आठवीं फैल लेकिन 22 साल की उम्र में हैकिंग कंपनी CEO, और करोड़ों का व्यापार (Real Inspirational Story)

हिमालय की नदियां (Himalayan River) :-

    1. हिमालय की नदियां (Himalayan River) काफी लंबी होती है।
      1. गंगा नदी (Ganga River) की लंबाई गंगा की लंबाई 2525 किलोमीटर है।
      2. सिन्धु नदी (Sindhu River) की लंबाई गंगा की लंबाई 2880 किलोमीटर है।
    2. हिमालय की नदियां (Himalayan River) विसर्प बनाते हुए चलती है। इसलिए इनकी लंबाई ज्यादा होती है।
    3. हिमालय की नदियां (Himalayan River) सतत वाहिनी होती है, इसलिए इनमें हमेशा पानी रहता है।
    4. हिमालय की नदियां (Himalayan River) हिमनद से निकलती हैं।
    5. हिमालय की नदियां (Himalayan River) हैं अभी भी युवावस्था में है।
    6. हिमालय की घाटियां चौड़ी और गहरी होती हैं।
    7. हिमालय की नदियां (Himalayan River) स्टीमर तथा सिंचाई के लिए अनुकूल है।
    8. हिमालय की नदियों (Himalayan River) में अनेक सहायक नदियां (Tributaries) मिलती हैं।
    9. हिमालय से निकलने वाली कोई भी नदी पठार की किसी भी नदी की सहायक नदी (Tributaries) नहीं है।
    10. हिमालय से निकलने वाली नदियों का जल आयतन (Water Volume) ज्यादा होता है।
      1. कारण – इन्हें वर्षा का जल ज्यादा मिलता है। इनकी बारह मासी नदियाँ भी कहते है।
      2. हिमनदों (Glaciers) के पिघलने से इनको जल मिलता है।
    11. हिमालय की नदियां (Himalayan River) में मूल रूप से तीन अपवाह तंत्र (Drainage System) है।
    12. हिमालय की नदियां (Himalayan River) बड़े डेल्टा (Large Delta) बनाती हैं।
    13. हिमालय की नदियां (Himalayan River) जहां से बहती है वह अधिकांश भाग समतल (Plain) है।
    14. हिमालय की नदियां (Himalayan River) विसर्प और गोखुर झील जैसी आकृति भी बनाती हैं।
    15. हिमालय की नदियां (Himalayan River) बाढ़ से ग्रस्त रहती हैं।
    16. हिमालय की नदियां (Himalayan River) अपना मार्ग परिवर्तित करती हैं। जैसे यमुना नदी, कोसी नदी, तीस्ता नदी, घाघरा नदी आदि।
    17. हिमालय की नदियां (Himalayan River) अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) बनाती है।
    18. हिमालय की नदियों (Himalayan River) का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व (Historical and Religious Significance) है।

The Drainage System of India, Indian River System In Hindi (UPSC)

महाद्वीपीय प्रवाह का सिद्धांत । Continental Drift Theory UPSC in Hindi


प्रायद्वीपीय नदियाँ या पठार की नदियां (The Peninsular Rivers System)

  1. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) हिमालय की नदियों की तुलना में छोटी होती है।
    • गोदावरी नदी (Godavari River) की लंबाई 1465 किलोमीटर है।
    • कृष्णानदी (Krishna River) की लंबाई 1401 किलोमीटर है।
  2. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) भ्रंश घाटी से गुजरती है, इसलिए इनकी गति कम होती है।
  3. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) मौसमी स्वभाव की होती हैं।
  4. प्रायद्वीपीय नदियों (Peninsular Rivers) का जल का स्त्रोत वर्षा है।
  5. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) अपने आधार को प्राप्त कर चुकी हैं।
  6. पठार की घाटियां कम चौड़ी और कम गहरी हैं।
  7. यह नदियां स्टीमर और सिंचाई के लिए अनुकूल नहीं है।
  8. प्रायद्वीपीय नदियों (Peninsular Rivers) में सहायक नदी बहुत कम मिलती है।
  9. पठारो से निकलने वाली कुछ नदियां पठार से निकलने के बावजूद वह उत्तर भारत की नदियों (Northern Rivers) की सहायक नदी बन जाती है।
  10. प्रायद्वीपीय नदियों (Peninsular Rivers) का जल का आयतन (Volume of Water) तुलनात्मक कम होता है।
    • अपवाद – तमिलनाडु की नदियों को दो मानसून से अधिक जल प्राप्त होता है।
      • दक्षिण पूर्वी मानसून (गर्मी के महीने में)।
      • उत्तरी पूर्वी मानसून (शीतकाल में)।
  11. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) सैकड़ों प्रवाह तंत्रो (Drainage System) का निर्माण करती है।
  12. पठार की नदियां छोटेछोटे डेल्टा बनाती है (अरब सागर में गिरने वाली नदी नदमुख (Estuary) बनाती है जैसे – नर्मदा नदी…)।
  13. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) जहां से बहती है वह अधिकांश भाग समतल (Plain Area) नही है।
  14. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) हिमालयन नदियों की तरह विसर्प नहीं बनाती, यह नदियां सीधा बहती है।
  15. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) में हिमालयन नदियों की तुलना में बाढ़ नही आती है।
  16. प्रायद्वीपीय नदियां (Peninsular Rivers) अपना मार्ग नहीं बदलती है।
  17. पठार की कोई भी नहीं अंतरराष्ट्रीय सीमा (International Border) नहीं बनाती है।
  18. पठार की नदियों का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व (Historical and religious significance) तुलनात्मक बहुत कम है।

Major Information of Northern Plains of India! Point by Point

Ganga River in Hindi : History, Route, Origin, Facts, Tributaries,

[Examples] A Beautiful Motivational Story in Hindi, Brain Mechanism